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घुनघुटी के जंगल में जो चल रहा हैं, वह सिर्फ तिरपाल के बीच 52 पत्तों का खेल नहीं… यह सिस्टम की नाकामी हैं.

“घुनघुटी का ‘तिरपाल कसीनो’ जहां हर रात इक्के-बादशाह के दाव ने कानून को मात दी”

जितेंद्र विश्वकर्मा, शहडोल। नोटों की गड्डियां जल रही थीं और ताश के पत्ते कानून का मज़ाक उड़ा रहे थे। उमरिया जिले के घुनघुटी क्षेत्र से वायरल हुआ यह वीडियो पूरे संभाग में “तिरपाल कसीनो” के नाम से सुर्खियों में बना हुआ है। उमरिया जिले के घुनघुटी क्षेत्र से वायरल हुआ एक वीडियो सोशल मीडिया पर सनसनी मचा रहा है, जिसमें कथित तौर पर कुछ शहडोल जिले के कुछ नामी-गिरामी चेहरे तिरपाल की ओट में नोटों की गड्डियों के साथ ताश खेलते दिखाई दे रहे हैं। इनमें से अधिकांश चेहरे वही हैं जो शहडोल के एक होटल में पड़े जुए कि रेड में दिखे थे. 

वीडियो में दिख रहे खिलाड़ी कोई गली-मोहल्ले के जुआरी नहीं, बल्कि ऐसे रौबदार चेहरे हैं जिनके आगे पुलिस भी टोपी सीधी कर लेती है। तिरपाल के नीचे बिछा यह खेल सिर्फ ताश का नहीं था, बल्कि रसूख का प्रदर्शन था—जहां हर बाजी में नियमों की नहीं, रुतबे की जीत हो रही थी।

मुखबिर के मुताबिक यह रातभर चला जुआ फड़ लाखों के दांव तक पहुंचा। नोट ऐसे उड़ रहे थे जैसे आतिशबाजी की चिंगारियां, लेकिन पुलिस की तरफ से सन्नाटा पसरा रहा। सवाल उठता है.क्या…? कानून सचमुच अंधा था, या जानबूझकर आंखें मूंद ली गई थीं…? कहा जा रहा है कि या तो पुलिस को भनक नहीं लगी, या फिर उसकी नजरों पर भी वही तिरपाल तनी हुई थी। हर रात सजाती है अलग जगह पर ताश के पत्तों दुकान.. कभी शहडोल जिला तो कभी उमरिया जिला…

घुनघुटी चौकी क्षेत्र वैसे भी “नो रूल ज़ोन” के रूप में कुख्यात रहा है। यहां जुआ-सट्टा से लेकर जंगल के टेंटों में होने वाली संदिग्ध गतिविधियां तक आम बात हैं। अब यह वीडियो जैसे उसी बदनाम परंपरा का नया अध्याय हो—हर खिलाड़ी वीआईपी, हर पत्ता ‘फिक्स’, और हर बाजी में हारता सिर्फ सिस्टम।

यह मामला महज़ एक वीडियो का नहीं, बल्कि शासन और कानून की पोल खोलता हुआ “रियलिटी शो” है। जहां व्यवस्था ताश के पत्तों की तरह हवा में उड़ती है, और न्याय का पत्ता हमेशा सबसे नीचे रह जाता है।

वीडियो वायरल होते ही प्रशासन के गलियारों में हलचल जरूर मची, लेकिन अब तक कोई अधिकारी सामने नहीं आया। बयान तो दूर, जांच का नाम तक नहीं लिया गया। आखिर क्यों..? क्या इसलिए कि तिरपाल के नीचे बैठे कुछ चेहरे “अछूत” हैं…?

अगले अंक पर सभी अछूतो के नाम उजागर किए जाएंगे..जो तिरपाल के नीचे 52 पत्तों के संग खादी के साथ फिक्स गेम खेल रहें थे…..

Gaon Ka Vikas
Author: Gaon Ka Vikas

12 thoughts on “घुनघुटी के जंगल में जो चल रहा हैं, वह सिर्फ तिरपाल के बीच 52 पत्तों का खेल नहीं… यह सिस्टम की नाकामी हैं.”

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