बहुत दिनों बाद मिले देवरिया जनपद को कुशल कर्मठ एवं ईमानदार जिलाधिकारी
देवरिया 15 अगस्त मैं 1977 से ये अनवरत पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हूं जनता सरकार के शासन काल में जिले के पर कर्मठ एवं ईमानदार अधिकारियों को देखा गया ।
जनता सरकार के पतन के बाद से कर्मठ एवं ईमानदार अधिकारियों का भी पतन हो गया ।
इस जनपद में भ्रष्टाचार का झड़ इतना मजबूत हो गया जिसका वर्णन करना बहुत ही कठिन लगता है ।
जनपद के हर विभाग में भ्रष्टाचार के बाढ़ सी आ गई कई भी विभाग भ्रष्टाचार मुक्त देखा नहीं गया ।
तत्कालीन जिलाधिकारी दिव्या मित्तल के स्थानान्तरण के बाद
श्री मधुसूदन हुल्गी जी ने कार्यभार ग्रहण किया। कि जनपद में बिगड़ैल अधिकारियों कर्मचारियों के नकेल त्वरित गति से कसना शुरू कर दी ।
संजोग बस अपने व्यतिगत कार्य के लिये समधानदिवस में बिना अपना परिचय बताएं जिलाधिकारी महोदय के समक्ष एक प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया।
उक्त प्रार्थनापत्र पर श्री मधुसूदन हुल्गी जी ने तत्त्काल एक्शन लिया उसी वक़्त एक बिगड़ैल अधिकारी जो तहसील रुद्रपुर में कार्यरत था उक्त के संबंध में एक शिकायत प्रार्थनापत्र फरियादी द्वारा प्रस्तुत किया जाने के बाद श्री मधुसूदन हुल्गी जी ने कड़ा रूप अपनाते हुए जो ऐक्शन लिया उसको देखकर आश्चर्य हुआ
पदभार ग्रहण करने के बाद पश्चात से निरन्तर भाग दौड़ और ऐक्शन पर ऐक्शन लेते हुए प्रत्येक विभाग का निरक्षण करते हुए
कार्य प्रणाली को सुधार करने की हिदायत देते हुए आगे बढ़ रहे है। अभी तक उनके कार्य शैली में कोई परिवर्तन नहीं देखा गया । अनवरत भ्रष्टाचार मुक्त जनपद को बनाने में लगे हुए हैं।
ऐसा ज्ञागत होता है कि सरकार में शामिल प्रतिनिधि गड़ हस्तक्षेप न करें को निश्चित ही देवरिया जनपद भ्रष्टाचार मुक्त
बन जाएगा। और ऐसे जिलाधिकारी कि औशक्त भी हैं।
सरकार को भी चाहिए कि ऐसे कर्मठ ईमानदार और सच्चे जनसेवक जिलाधिकारी को कुछ काल तक देवरिया में ही रखा जाए अर्थात् अनयत्र
