RNI-29226/77

मठ, मन्दिर बना अपराधियों का शरण गाह

देवरिया 21 अगस्त सूत्रों के हवाले आये दिन खबरें मिल रही है कि सन्त समाज को बदनाम करने तथा मठों की सम्पत्तियों को हथियाने के नियत से विभिन्न प्रकार के अपराधों से जुड़े लोग किसी न किसी मठ-मन्दिरों पर डेरा डाल कर बैठे हुए है। चूंकि भेष सन्त का है किन्तु गुण और धर्म किसी न किसी अपराध से जुड़ा हुआ है। सन्त का उनके पास कोई पहचान अथवा लक्षण नहीं है न उनका कोई गुरु है और न उनका कोई सम्प्रदाय है। सिर्फ व सिर्फ पाखण्डवाद का चोला आम लोगों को भ्रम में डालने का सबसे बड़ा हथियार बन चुका है।

 

यही कारण है कि मठ-मन्दिरों पर जहां तप-साधना और सदुपदेश का स्थान देना चाहिए वही नाना प्रकार के अपराध जनित कर्म द्वारा धन संग्रह की योजनायें बनायी जा रही है। हथियार तस्करी से लेकर नशीले पदार्थों एवं रत्न, उप रत्नों आदि कीमती धातुओं की तस्करी खूब धड़ल्ले से हो रही है। जिले के आला कमान को चाहिए कि समय-समय मठ-मन्दिरों की निगरानी की जावे ताकि अपराध वृद्धि पर लगाम लग सके।

Gaon Ka Vikas
Author: Gaon Ka Vikas