*राजनीतिक व्यंग्य*
*काले धन दो हो गए, एक-एक जो है डिलीट होगा*
*चुनावी विश्लेषण | 22 मई 2026 | RNI 29226/77*
*नोटबंदी से डिलीट तक का खेल*
2016 में कहा था “काला धन खत्म कर देंगे”। नोटबंदी हुई, 500-1000 का नोट गया। जनता समझी कि अब काला धन खत्म। पर हुआ क्या? *काले धन दो हो गए – एक पुराना, एक नया*। अब नया फॉर्मूला आया है – *एक-एक जो है डिलीट होगा*।
*पहला काला धन: कैश वाला*
ये वो वाला था जो तिजोरी में, बेड के नीचे, दीवार में छुपा था। नोटबंदी से बोले “डिलीट कर दिया”। पर RBI का डेटा कहता है 99.3% पैसा बैंक में वापस आ गया। यानी डिलीट नहीं हुआ, *सफेद हो गया*।
*दूसरा काला धन: डिजिटल वाला*
नोटबंदी के बाद “डिजिटल इंडिया” आया। Paytm, PhonePe, कैशलेस का नारा लगा। पर अब घोटाले भी डिजिटल हो गए। *इलेक्टोरल बॉन्ड, PM केयर्स, क्रिप्टो, शेल कंपनी* – ये नया काला धन है। *पुराने से भी खतरनाक, दिखता ही नहीं*।
*डिलीट का नया वादा*
अब चुनाव आ रहा है तो फिर वादा – *”काले धन दो हो गए, एक-एक जो है डिलीट होगा”*। जनता पूछ रही है: पहले वाला तो डिलीट हुआ नहीं, *दूसरे को कब डिलीट करोगे?* जवाब मिलता है – “सब्र रखो, 2047 तक विकसित भारत बनते ही सब डिलीट हो जाएगा”।
*महंगाई डिलीट कब होगी?*
काला धन डिलीट करने के चक्कर में *महंगाई डबल हो गई*। पेट्रोल 110, गैस 1200, आटा 50 किलो। *कहा था काले धन से महंगाई की भरपाई करेंगे*, पर यहां तो *महंगाई से ही काला धन बन रहा है*। टैक्स बढ़ा, GST बढ़ी, सेस बढ़ा – *ये सब किसकी जेब में जा रहा?*
*जनता का फाइल डिलीट*
नेता का वादा डिलीट, अफसर की फाइल डिलीट, घोटाले की जांच डिलीट। *डिलीट सिर्फ जनता का भविष्य हो रहा है*। नौजवान की नौकरी डिलीट, किसान की आय डिलीट, गरीब की थाली से दाल डिलीट।
*अब Ctrl+Z का वक्त है*
बहुत हो गया डिलीट-डिलीट का खेल। *अब जनता को Undo बटन दबाना होगा*। सवाल पूछो – *काला धन कहां है? 15 लाख कहां हैं? महंगाई कब कम होगी?* वरना हर 5 साल में आएंगे और बोलेंगे – “बस एक बार और मौका दो, इस बार पक्का डिलीट करेंगे”।
*आज का समाचार, आज के समाचार में तारीख सहित रहेगा: 22 मई 2026*
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_राजनीतिक व्यंग्य: स्वतंत्र आवाज
