पूरा संविधान बदलने वाला नहीं है
भारत में पूरा संविधान बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है। जो हो रहा है वो *संशोधन (Amendment)* है, जो 1950 से अब तक 100 से ज्यादा बार हो चुका है।
अभी चर्चा में क्या है?
*1. परिसीमन और 131वां संशोधन विधेयक 2026*
सरकार अप्रैल 2026 में 3 विधेयक लाई थी –
– संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026
– परिसीमन विधेयक 2026
– केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2026 c869
इसका मकसद लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 850 करना और 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन करके महिला आरक्षण लागू करना था। 70fe
लेकिन ये विधेयक लोकसभा में पास नहीं हो पाया। एक रिपोर्ट के मुताबिक पक्ष में 278 और विरोध में 211 वोट पड़े, इसलिए ये गिर गया। 54ca
*2. पूरा संविधान क्यों नहीं बदला जा सकता?*
सुप्रीम कोर्ट के केशवानंद भारती केस 1973 के फैसले के अनुसार संसद संविधान में संशोधन कर सकती है, पर उसकी *मूल संरचना (Basic Structure)* – जैसे लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, संघवाद, मौलिक अधिकार – को नहीं बदल सकती।
इसलिए जो भी बदलाव होते हैं वो अनुच्छेद 368 की प्रक्रिया से होते हैं, जिसमें लोकसभा-राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत और कई बार आधे राज्यों की मंजूरी चाहिए होती है।
अफवाहें कहाँ से आती हैं? अक्सर चुनाव या परिसीमन, One Nation One Election, या इंडिया vs भारत नाम की बहस को लेकर सोशल मीडिया पर “संविधान बदल रहा है” कहा जाता है, पर अभी तक सरकार की तरफ से पूरा संविधान बदलने का कोई आधिकारिक बिल या घोषणा नहीं है।
